Ek Tukda Dhoop Lyrics in Hindi (एक टुकड़ा धूप का)



Ek Tukda Dhoop Lyrics in Hindi



गाना: बंधु तू मेरा
फिल्म: थप्पड़
गायक: राघव चैतन्य
गीतकार: शकील आज़मी
संगीतकार: अनुराग सैकिया



टूट के हम दोनो में
जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का
अंदर अंदर नम सा है


एक धागे में है उलझे यूँ
के बुनते बुनते खुल गए
हम थे लिखे दीवार पे
बारिश हुई और धल गए




टूट के हम दोनो में
जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का
अंदर अंदर नम सा है




सोचों ज़रा क्या थे हम हाय
क्या से क्या हो गए
हिज्र वाली रातों की हाय
कब्रो में सो गए




हो तुम हमारे जितने थे
सच कहो क्या उतने थे
जाने दो मत कहो कितने थे




टूट के हम दोनो में
जो बचा वो कम सा है
एक टुकड़ा धूप का
अंदर अंदर नम सा है

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